चाहने वालों ने …

चाहने वालों ने कोशिश तो बहुत की लेकिन,
खो गया मैं तो कोई ढूँढ ना पाया मुझको !
सख़्त हैरत में पड़ी मौत ये जुमला सुनकर,
आ! अदा करना है साँसों का किराया मुझको !

Munawwar Rana

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Election aya! Election aya!

Election Aya! Election Aya!

waadon ke pulinde laya!

humko isne khub bharmaya

khel kisika samajh na aya!

 

yun to ye sakht daur garmi ka hai

lekin yaha to mela besharmi ka hai

Suraj ko dekh Neta bhi aankh dikhaya

Election aya! Election Aya!

 

is kalyug mein zuban hi shastra hai

man maila tan sundar vastra hain

Shikaari ne phir se apna jaal bichaya

kyunki Election Aya! Election Aya!

 

deshbhakt tum sambhal ke rehna

matri bhakt tum sambhal ke rehna

saapon ne phir zeher hai dikhaya

2014 me Election aya! Election Aya!

क़ौम एक है, इसे …

क़ौम एक है, इसे कबीलों में न बांटो
सफ़र लम्बा है, इसे मीलों में न बांटो
मेरा हिन्दुस्तान तो एक समन्दर है
इसे तुम तालाबों और झीलों में न बांटों।

Cast out the Caste!

These four lines by Suresh Dubey ji ( A Fan of Munshi Premchand from Lamahi Village, Varanasi UP)

I heard these lines in Ravish Kumar’s show on NDTV India.

 

tera ehsaas

rjkmed

.. पिछले भाग से जारी
तेरा एहसास ही है जो अब रहता है हर पल
तेरे हुस्न-ओ-नूर की इबादत है मेरी शगल
इन रानाइयों की शुआओं में खो गया हूँ मैं कि
यह चेहरा ये जुल्फें अब हर जगह करते हैं दखल
… आगे भी जारी है (to be continued)

 

ये मंज़िल नहीं, …

ये मंज़िल नहीं, एक पड़ाव भर है ,
मुझे अभी मीलों चलना बाकी है।
अरमानों में ख्वाहिशों के पंख लगे
अभी मुझे आसमां में उड़ना बाकी है।
मैंने देखे हैं जहाँ में चाँद सितारे अब तक
उनकी ओट में खो जाना अभी बाकी है।
मेरी राहें अलग हो जाएँ तुमसे बेशक
मगर फिर मिलनेको जीना अभी बाकी है…।